Saturday, 20 June 2015

शिक्षा मनोविज्ञान का खजाना-


(महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर )
😎


1. Psychology शब्द का सबसे पहले प्रयोग  0jकिया
– रुडोल्फ गॉलकाय द्वारा 1590 में
2. Psychology की प्रथम पुस्तक Psychologia
लिखी - रुडोल्फ गॉलकाय ने
3. Psychology शब्द की उत्पत्ति हुई है – Psyche
+Logos यूनानी भाषा के दो शब्दों से
4. विश्व की प्रथम Psychology Lab – 1879 में
विलियम वुंट द्वारा जर्मनी में स्थापित
5. विश्व का प्रथम बुद्धि परीक्षण – 1905 में
बिने व साइमन द्वारा
* भारत का प्रथम बुद्धि परीक्षण – 1922 में सी.
एच. राईस द्वारा
6. आधुनिक मनोविज्ञान का जनक – विलियम
जेम्स
7. आधुनिक मनोविज्ञान के प्रथम
मनोवैज्ञानिक – डेकार्टे
8. किन्डरगार्टन विधि के प्रतिपादक – फ्रोबेल
9. डाल्टन विधि के प्रतिपादक – मिस हेलेन
पार्कहर्स्ट
10. मांटेसरी विधि के प्रतिपादक – मैडम
मारिया मांटेसरी
11. संज्ञानात्मक आन्दोलन के जनक – अल्बर्ट
बांडूरा
12. मनोविज्ञान के विभिन्न सिद्धांत/
संप्रदाय और उनके जनक –
•गेस्टाल्टवाद (1912) – कोहलर, कोफ्का,
वर्दीमर व लेविन
•संरचनावाद (1879)– विलियम वुंट
•व्यवहारवाद (1912) – जे. बी. वाटसन
•मनोविश्लेशणवाद (1900) – सिगमंड फ्रायड
•विकासात्मक/संज्ञानात्मक – जीन पियाजे
•संरचनात्मक अधिगम की अवधारणा – जेरोम
ब्रूनर
•सामाजिक अधिगम सिद्धांत (1986) – अल्बर्ट
बांडूरा
•संबंधवाद (1913) – थार्नडाईक
•अनुकूलित अनुक्रिया सिद्धांत (1904) –
पावलव
•क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत (1938) – स्किनर
•प्रबलन/पुनर्बलन सिद्धांत (1915) – हल
•अन्तर्दृष्टि/सूझ सिद्धांत (1912) - कोहलर
13. व्यक्तितत्व मापन की प्रमुख प्रक्षेपी
विधियाँ
•प्रासंगिक अंतर्बोध परीक्षण (T.A.T.)
•बाल अंतर्बोध परीक्षण (C.A.T.)
•स्याही धब्बा परीक्षण (I.B.T.)
•वाक्य पूर्ति परीक्षण (S.C.T.)
14. व्यक्तितत्व मापन की प्रमुख अप्रक्षेपी
विधियाँ
•अनुसूची
•प्रश्नावली
•साक्षात्कार
•आत्मकथा विधि
•व्यक्ति इतिहास विधि
•निरीक्षण
•समाजमिति
•शारीरिक परीक्षण
•स्वप्न विश्लेषण
•मानदंड मूल्यांकन विधि
•स्वंतत्र साहचर्य परीक्षण (F.W.A.T.)
15. बुद्धि के सिद्धांत और उनके प्रतिपादक –
•एक खण्ड का /निरंकुशवादी सिद्धांत (1911) –
बिने, टरमन व स्टर्न
•द्वि खण्ड का सिद्धांत (1904) – स्पीयरमैन
•तीन खण्ड का सिद्धांत – स्पीयरमैन
•बहु खण्ड का सिद्धांत – थार्नडाईक
•समूह कारक सिद्धांत – थर्स्टन व कैली
=> मनोविज्ञान के जनक = विलियम जेम्स
=> आधुनिक मनोविज्ञान के जनक = विलियम
जेम्स
=> प्रकार्यवाद साम्प्रदाय के जनक = विलियम
जेम्स
=> आत्म सम्प्रत्यय की अवधारणा = विलियम
जेम्स
=> शिक्षा मनोविज्ञान के जनक = थार्नडाइक
=> प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत = थार्नडाइक
=> प्रयत्न एवं भूल का सिद्धांत = थार्नडाइक
=> संयोजनवाद का सिद्धांत = थार्नडाइक
=> उद्दीपन-अनुक्रिया का सिद्धांत =
थार्नडाइक
=> S-R थ्योरी के जन्मदाता = थार्नडाइक
=> अधिगम का बन्ध सिद्धांत = थार्नडाइक
=> संबंधवाद का सिद्धांत = थार्नडाइक
=> प्रशिक्षण अंतरण का सर्वसम अवयव का
सिद्धांत = थार्नडाइक
=> बहु खंड बुद्धि का सिद्धांत = थार्नडाइक
=> बिने-साइमन बुद्धि परीक्षण के प्रतिपादक =
बिने एवं साइमन
=> बुद्धि परीक्षणों के जन्मदाता = बिने
=> एक खंड बुद्धि का सिद्धांत = बिने
=> दो खंड बुद्धि का सिद्धांत = स्पीयरमैन
=> तीन खंड बुद्धि का सिद्धांत = स्पीयरमैन
=> सामान्य व विशिष्ट तत्वों के सिद्धांत के
प्रतिपादक = स्पीयरमैन
=> बुद्धि का द्वय शक्ति का सिद्धांत =
स्पीयरमैन
=> त्रि-आयाम बुद्धि का सिद्धांत =
गिलफोर्ड
=> बुद्धि संरचना का सिद्धांत = गिलफोर्ड
=> समूह खंड बुद्धि का सिद्धांत = थर्स्टन
=> युग्म तुलनात्मक निर्णय विधि के प्रतिपादक
= थर्स्टन
=> क्रमबद्ध अंतराल विधि के प्रतिपादक =
थर्स्टन
=> समदृष्टि अन्तर विधि के प्रतिपादक = थर्स्टन
व चेव
=> न्यादर्श या प्रतिदर्श(वर्ग घटक) बुद्धि का
सिद्धांत = थॉमसन
=> पदानुक्रमिक(क्रमिक महत्व) बुद्धि का
सिद्धांत = बर्ट एवं वर्नन
=> तरल-ठोस बुद्धि का सिद्धांत = आर. बी.
केटल
=> प्रतिकारक (विशेषक) सिद्धांत के
प्रतिपादक = आर. बी. केटल
=> बुद्धि 'क' और बुद्धि 'ख' का सिद्धांत = हैब
=> बुद्धि इकाई का सिद्धांत = स्टर्न एवं जॉनसन
=> बुद्धि लब्धि ज्ञात करने के सुत्र के प्रतिपादक
= विलियम स्टर्न
=> संरचनावाद साम्प्रदाय के जनक = विलियम
वुण्ट
=> प्रयोगात्मक मनोविज्ञान के जनक =
विलियम वुण्ट
=> विकासात्मक मनोविज्ञान के प्रतिपादक =
जीन पियाजे
=> संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत = जीन
पियाजे
=> मूलप्रवृत्तियों के सिद्धांत के जन्मदाता =
विलियम मैक्डूगल
=> हार्मिक का सिध्दान्त = विलियम मैक्डूगल
=> मनोविज्ञान को मन मस्तिष्क का विज्ञान
= पोंपोलॉजी
=> क्रिया प्रसूत अनुबंधन का सिध्दान्त =
स्किनर
=> सक्रिय अनुबंधन का सिध्दान्त = स्किनर
=> अनुकूलित अनुक्रिया का सिद्धांत = इवान
पेट्रोविच पावलव
=> संबंध प्रत्यावर्तन का सिद्धांत = इवान
पेट्रोविच पावलव
=> शास्त्रीय अनुबंधन का सिद्धांत = इवान
पेट्रोविच पावलव
=> प्रतिस्थापक का सिद्धांत
= इवान पेट्रोविच पावलव
=> प्रबलन(पुनर्बलन) का सिद्धांत = सी. एल. हल
=> व्यवस्थित व्यवहार का सिद्धांत = सी. एल.
हल
=> सबलीकरण का सिद्धांत = सी. एल. हल
=> संपोषक का सिद्धांत = सी. एल. हल
=> चालक / अंतर्नोद(प्रणोद) का सिद्धांत =
सी. एल. हल
=> अधिगम का सूक्ष्म सिद्धान्त = कोहलर
=> सूझ या अन्तर्दृष्टि का सिद्धांत = कोहलर,
वर्दीमर, कोफ्का
=> गेस्टाल्टवाद सम्प्रदाय के जनक = कोहलर,
वर्दीमर, कोफ्का
=> क्षेत्रीय सिद्धांत = लेविन
=> तलरूप का सिद्धांत = लेविन
=> समूह गतिशीलता सम्प्रत्यय के प्रतिपादक =
लेविन
=> सामीप्य संबंधवाद का सिद्धांत = गुथरी
=> साईन(चिह्न) का सिद्धांत = टॉलमैन
=> सम्भावना सिद्धांत के प्रतिपादक = टॉलमैन
=> अग्रिम संगठक प्रतिमान के प्रतिपादक =
डेविड आसुबेल
=> भाषायी सापेक्षता प्राक्कल्पना के
प्रतिपादक = व्हार्फ
=> मनोविज्ञान के व्यवहारवादी सम्प्रदाय के
जनक = जोहन बी. वाटसन
=> अधिगम या व्यव्हार सिद्धांत के प्रतिपादक
= क्लार्क
=> सामाजिक अधिगम सिद्धांत के प्रतिपादक
= अल्बर्ट बाण्डूरा
=> पुनरावृत्ति का सिद्धांत = स्टेनले हॉल
=> अधिगम सोपानकी के प्रतिपादक = गेने
=> विकास के सामाजिक प्रवर्तक = एरिक्सन
=> प्रोजेक्ट प्रणाली से करके सीखना का
सिद्धांत = जान ड्यूवी
=> अधिगम मनोविज्ञान का जनक = एविग हास
=> अधिगम अवस्थाओं के प्रतिपादक = जेरोम
ब्रूनर
=> संरचनात्मक अधिगम का सिद्धांत = जेरोम
ब्रूनर
=> सामान्यीकरण का सिद्धांत = सी. एच. जड
=> शक्ति मनोविज्ञान का जनक = वॉल्फ
=> अधिगम अंतरण का मूल्यों के अभिज्ञान का
सिद्धांत = बगले
=> भाषा विकास का सिद्धांत = चोमस्की
=> माँग-पूर्ति(आवश्यकता पदानुक्रम) का
सिद्धांत = मैस्लो (मास्लो)
=> स्व-यथार्थीकरण अभिप्रेरणा का सिद्धांत
= मैस्लो (मास्लो)
=> आत्मज्ञान का सिद्धांत = मैस्लो (मास्लो)
=> उपलब्धि अभिप्रेरणा का सिद्धांत = डेविड
सी.मेक्लिएंड
=> प्रोत्साहन का सिद्धांत = बोल्स व काफमैन
=> शील गुण(विशेषक) सिद्धांत के प्रतिपादक =
आलपोर्ट
=> व्यक्तित्व मापन का माँग का सिद्धांत =
हेनरी मुरे
=> कथानक बोध परीक्षण विधि के प्रतिपादक
= मोर्गन व मुरे
=> प्रासंगिक अन्तर्बोध परीक्षण (T.A.T.)
विधि के प्रतिपादक = मोर्गन व मुरे
=> बाल -अन्तर्बोध परीक्षण (C.A.T.) विधि के
प्रतिपादक = लियोपोल्ड बैलक
=> रोर्शा स्याही ध्ब्बा परीक्षण (I.B.T.)
विधि के प्रतिपादक = हरमन रोर्शा
=> वाक्य पूर्ति परीक्षण (S.C.T.) विधि के
प्रतिपादक = पाईन व टेंडलर
=> व्यवहार परीक्षण विधि के प्रतिपादक = मे
एवं हार्टशार्न
=> किंडरगार्टन(बालोद्यान ) विधि के
प्रतिपादक = फ्रोबेल
=> खेल प्रणाली के जन्मदाता = फ्रोबेल
=> मनोविश्लेषण विधि के जन्मदाता = सिगमंड
फ्रायड
=> स्वप्न विश्लेषण विधि के प्रतिपादक =
सिगमंड फ्रायड
=> प्रोजेक्ट विधि के प्रतिपादक = विलियम
हेनरी क्लिपेट्रिक
=> मापनी भेदक विधि के प्रतिपादक = एडवर्ड्स
व क्लिपेट्रिक
=> डाल्टन विधि की प्रतिपादक = मिस हेलेन
पार्कहर्स्ट
=> मांटेसरी विधि की प्रतिपादक = मेडम
मारिया मांटेसरी
=> डेक्रोली विधि के प्रतिपादक = ओविड
डेक्रोली
=> विनेटिका(इकाई) विधि के प्रतिपादक =
कार्लटन वाशबर्न
=> ह्यूरिस्टिक विधि के प्रतिपादक = एच. ई.
आर्मस्ट्रांग
=> समाजमिति विधि के प्रतिपादक = जे. एल.
मोरेनो
=> योग निर्धारण विधि के प्रतिपादक =
लिकर्ट
=> स्केलोग्राम विधि के प्रतिपादक = गटमैन
=> विभेद शाब्दिक विधि के प्रतिपादक =
आसगुड
=> स्वतंत्र शब्द साहचर्य परीक्षण विधि के
प्रतिपादक = फ़्रांसिस गाल्टन
=> स्टेनफोर्ड- बिने स्केल परीक्षण के प्रतिपादक
= टरमन
=> पोरटियस भूल-भुलैया परीक्षण के प्रतिपादक
= एस.डी. पोरटियस
=> वेश्लर-वेल्यूब बुद्धि परीक्षण के प्रतिपादक =
डी.वेश्लवर
=> आर्मी अल्फा परीक्षण के प्रतिपादक = आर्थर
एस. ओटिस
=> आर्मी बिटा परीक्षण के प्रतिपादक = आर्थर
एस. ओटिस
=> हिन्दुस्तानी बिने क्रिया परीक्षण के
प्रतिपादक = सी.एच.राइस
=> प्राथमिक वर्गीकरण परीक्षण के प्रतिपादक
= जे. मनरो
=> बाल अपराध विज्ञान का जनक = सीजर
लोम्ब्रसो
=> वंश सुत्र के नियम के प्रतिपादक = मैंडल
=> ब्रेल लिपि के प्रतिपादक = लुई ब्रेल
=> साहचर्य सिद्धांत के प्रतिपादक = एलेक्जेंडर
बैन
=> "सीखने के लिए सीखना" सिद्धांत के
प्रतिपादक = हर्लो
=> शरीर रचना का सिद्धांत = शैल्डन
=> व्यक्तित्व मापन के जीव सिद्धांत के
प्रतिपादक = गोल्डस्टीन
शिक्षा
शिक्षा का अर्थ :-
शिक्षा शब्द संस्कृत भाषा के "शिक्ष" धातु से
बना है। जिसका अर्थ है सीखना या
सिखाना। "शिक्षा" शब्द का अंग्रेजी
समानार्थक शब्द "Education" (एजुकेशन) जो की
लेटिन भाषा के "Educatum"(एजुकेटम) शब्द से बना
है तथा "Educatum"(एजुकेटम) शब्द स्वयं लैटिन
भाषा के E (ए) तथा Duco (ड्यूको) शब्दों से
मिलकर बना है। E (ए) शब्द का अर्थ है 'अंदर से' और
Duco (ड्यूको) शब्द का अर्थ है 'आगे बढ़ना'। अतः
"Education" का शाब्दिक अर्थ 'अंदर से आगे
बढ़ना' है।
लेकिन लैटिन भाषा के "Educare"(एजुकेयर) तथा
"Educere" (एजुशियर) शब्दों को भी
"Education"(एजुकेशन) शब्द के मूल के रूप में स्वीकार
किया जाता है। दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि
"शिक्षा" शब्द का प्रयोग व्यक्ति या बालक
की आन्तरिक शक्तियों को बाहर लाने अथवा
विकसित करने की क्रिया से लिया जाता है।
शिक्षा की परिभाषायें :-
1. फ्राॅबेल के अनुसार, “शिक्षा एक प्रक्रिया है
जिसके द्वारा एक बालक अपनी शक्तियों का
विकास करता है।”
2. स्वामी विवेकानंद के अनुसार, “मनुष्य में
अन्तर्निहित पूर्णता को अभिव्यक्त करना ही
शिक्षा है।”
3. महात्मा गांधी के अनुसार, “शिक्षा से मेरा
अभिप्राय बालक या मनुष्य के शरीर, मस्तिष्क
या आत्मा के
सर्वांगीण एवं सर्वोत्तम विकास से है।”
4. अरस्तु के अनुसार, “स्वस्थ शरीर में स्वस्थ
मस्तिष्क का निर्माण करना ही शिक्षा है।”
5. पेस्टाॅलाॅजी के अनुसार, “मानव की आंतरिक
शक्तियों का स्वभाविक व सामंजस्यपूर्ण
प्रगतिशील विकास
ही शिक्षा है।”
6. हरबर्ट स्पेन्सर के अनुसार, “शिक्षा से तात्पर्य
है अन्तर्निहित शक्तियों तथा बाह्य जगत के
मध्य समन्वय स्थापित करना है।”
मनोविज्ञान
मनोविज्ञान का अर्थ :-
मनोविज्ञान शब्द का शाब्दिक अर्थ 'मन का
विज्ञान' है। मनोविज्ञान शब्द का अंग्रेजी
समानार्थक शब्द "Psychology" (साइकोलॉजी)
है जो की यूनानी (ग्रीक) भाषा के दो शब्दों
"Psyche"(साइकी)और "Logos"(लोगस) के मिलने से
बना है। Psyche (साइकी) शब्द का अर्थ
"आत्मा" और Logos (लोगस) शब्द का अर्थ
होता है "अध्ययन"। अतः Psychology का
शाब्दिक अर्थ है - "आत्मा का अध्ययन"।
मनोविज्ञान की परिभाषायें :-
1. वाटसन के अनुसार, “ मनोविज्ञान, व्यवहार
का निश्चित या शुद्ध विज्ञान है।”
2. वुडवर्थ के अनुसार, “ मनोविज्ञान, वातावरण
के सम्पर्क में होने वाले मानव व्यवहारों का
विज्ञान है।”
3. मैक्डूगल के अनुसार, “ मनोविज्ञान, आचरण एवं
व्यवहार का यथार्थ विज्ञान है।”
4. क्रो एण्ड क्रो के अनुसार, “ मनोविज्ञान
मानव - व्यवहार और मानव सम्बन्धों का अध्ययन
है।”
5. बोरिंग के अनुसार, “ मनोविज्ञान मानव
प्रकृति का अध्ययन है।”
6. स्किनर के अनुसार, “ मनोविज्ञान, व्यवहार
और अनुभव का विज्ञान है।”
7. मन के अनुसार, “आधुनिक मनोविज्ञान का
सम्बन्ध व्यवहार की वैज्ञानिक खोज से है।”
8. गैरिसन व अन्य के अनुसार, “ मनोविज्ञान का
सम्बन्ध प्रत्यक्ष मानव - व्यवहार से है।”
9. गार्डनर मर्फी के अनुसार, “ मनोविज्ञान वह
विज्ञान है, जो जीवित व्यक्तियों का उनके
वातावरण के प्रति
अनुक्रियाओं का अध्ययन करता है।”
क्रमशः मनोविज्ञान के अर्थ में परिवर्तन :-
प्रारम्भिक अवस्था में मनोविज्ञान
दर्शनशास्त्र की एक शाखा के रूप में था लेकिन
दर्शनशास्त्र से अलग होने के बाद इसका एक
स्वतंत्र विषय के रूप में उदय हुआ। दर्शनशास्त्र से
अलग होने की प्रक्रिया में मनोविज्ञान ने अनेक
अर्थ ग्रहण किए जिन्हें हम निम्न प्रकार से समझ
सकते है :-
1. आत्मा का विज्ञान :-
16 वीं शताब्दी में मनोविज्ञान को आत्मा
का विज्ञान कहा गया। इस अर्थ के प्रबल
समर्थक प्लेटो, अरस्तु, डेकार्टे आदि दार्शनिक
मनोवैज्ञानिक थे। लेकिन आत्मा क्या है? इसकी
प्रकृति या स्वरुप क्या है? क्या इसे देखा जा
सकता है? मनोवैज्ञानिकों द्वारा इन प्रश्नों के
उत्तर देने में असमर्थता के कारण इस परिभाषा
को अस्वीकार कर दिया गया।
2. मन का विज्ञान :-
17 वीं शताब्दी में मनोविज्ञान को मन या
मस्तिष्क का विज्ञान कहा गया। इस अर्थ का
प्रबल समर्थक पाॅम्पोनाजी था। लेकिन मन या
मस्तिष्क क्या है? इसका अध्ययन किस प्रकार
किया जा सकता है? इन प्रश्नों के अर्थों को
स्पष्ट नहीं कर पाने के कारण मनोविज्ञान का
यह अर्थ भी अस्वीकार कर दिया गया।
3. चेतना का विज्ञान :-
19 वीं शताब्दी में मनोविज्ञान को चेतना का
विज्ञान कहा गया। इस अर्थ के प्रबल समर्थक
विलियम जेम्स, विलियम वुंट, वाईव्स आदि
मनोवैज्ञानिक प्रमुख थे। इन्होंने केवल चेतन मन की
ही बात की है, जबकि फ्रायड ने मनोविश्लेषण
वाद में चेतन मन के अलावा अचेतन व अर्द्ध चेतन मन
के बारे में भी बताया गया है जिस पर इन्होंनें
कोई चर्चा नहीं की। अतः मनोविज्ञान का
यह अर्थ भी अस्वीकार कर दिया गया।
4. व्यवहार का विज्ञान :-
20 वीं शताब्दी के प्रारम्भ में मनोविज्ञान को
व्यवहार के विज्ञान के रुप में स्वीकार किया
गया। और वर्तमान में मनोविज्ञान के इसी अर्थ
को सर्वमान्य अर्थ के रूप में स्वीकार किया
गया है। इस अर्थ के प्रबल समर्थक वाट्सन, वुडवर्थ,
स्किनर आदि मनोविज्ञानिकों हैं।
मनोविज्ञान के अर्थ परिवर्तन को वुडवर्थ ने
निम्न प्रकार से परिभाषित किया है :-
“सर्वप्रथम मनोविज्ञान ने अपनी आत्मा को
छोडा, फिर अपने मन को त्यागा, फिर अपनी
चेतना खोई और अब यह व्यवहार के ढंग को
अपनाऐ हुए है।”
शिक्षा मनोविज्ञान
शिक्षा मनोविज्ञान का अर्थ :-
शिक्षा मनोविज्ञान दो शब्दों के मिलने से
बना है, शिक्षा+मनोविज्ञान। जिसका
शाब्दिक अर्थ है, "शिक्षा से सम्बन्धित
मनोविज्ञान"। शिक्षा मनोविज्ञान के
अन्तर्गत मनोविज्ञान के संप्रत्ययों, सिद्धांतो
तथा विधियों का प्रयोग शैक्षणिक
परिस्थितियों को उन्नत बनाने के लिए किया
जाता है। इस प्रकार मनोविज्ञान के
सिद्धान्तों का शिक्षा के क्षेत्र में प्रयोग
करना ही शिक्षा मनोविज्ञान कहलाता है।
शिक्षा मनोविज्ञान की परिभाषायें :-
1. स्टीफन के अनुसार, “शिक्षा मनोविज्ञान
शैक्षणिक विकास का क्रमिक अध्ययन है।”
2. क्रो एण्ड क्रो के अनुसार, “शिक्षा
मनोविज्ञान, व्यक्ति के जन्म से लेकर
वृद्धावस्था तक के अनुभवों का वर्णन तथा
व्याख्या करता है।”
3. स्किनर के अनुसार, “शिक्षा मनोविज्ञान के
अन्तर्गत शिक्षा से सम्बन्धित सम्पूर्ण व्यवहार
और व्यक्तित्व आ जाता है।”
4. काॅलसनिक के अनुसार, “मनोविज्ञान के
सिद्धान्तों व परिणामों का शिक्षा के क्षेत्र
में अनुप्रयोग ही शिक्षा मनोविज्ञान
कहलाता है।”
5. साॅरे व टेलफोर्ड के अनुसार, “शिक्षा
मनोविज्ञान का मुख्य सम्बन्धu
 सीखने से है। यह
मनोविज्ञान का वह अंग है, जो शिक्षा के
मनोवैज्ञानिक पहलुओं की वैज्ञानिक खोज से
विशेष रूप से सम्बन्धित है।”

Reference http://www.teachmatters.in/2014/10/pedagogy-psychology-question-answers-in-hindi-part-1.htm

2 comments:

  1. Hello, Webmaster! उपरोक्त आलेख का कुछ हिस्सा आपने www.teachmatters.in की पोस्ट (http://www.teachmatters.in/2014/10/pedagogy-psychology-question-answers-in-hindi-part-1.html)से लिया है जो कि अनुचित है अतः आपको वार्निंग दी जाती है कि उपरोक्त जानकारी को तुरंत हटा लें अन्यथा आपके विरुद्ध copyright act के तहत कारवाई की जाएगी. किसी भी वेबसाइट से जानकारी ले कर बिना अनुमति उसको हू-बू-हू अपनी वेबसाइट पर नहीं पोस्ट कर सकते..जानकारी का कुछ हिस्सा पोस्ट कर सकते हो साथ में उसका ओरिजिनल लिंक दे कर.

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