Thursday, 13 August 2015

education

परिज्ञान मोड्यूल से विशेष

1.हंटर कमीशन एवं वुड डिस्पैच में जन साधारण की शिक्षा पर बल दिया गया।

2.प्रारंभिक शिक्षा को अनिवार्य व् सर्वसुलभ बनाने का प्रथम प्रयास 1893 में बड़ौदा नरेश सियाजीराव गायकवाड़ ने किया।

3.पूनः 1910 में गोखले ने अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा का प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रिमंडल में पेश किया।

4.1950 में संविधान के अनुच्छेद 45 में निशुल्क व् अनिवार्य शिक्षा का लक्ष्य रखा गया।

5. 86 वे संसोधन द्वारा 1 अप्रैल 2010 से शिक्षा को मौलिक अधिकार के रूप में स्वीकार किया गया।

6. शिक्षा का किसी निश्चित स्तर तक सभी लोगों के लिए अनिवार्य एवं निःशुल्क रूप से उपलब्ध होना शिक्षा का सार्वभौमीकरण कहलाता है

7. राष्टीय शिक्षा निति 1986 व् एक्शन प्लान 1992 में शिक्षा के सार्वभौमीकरण हेतु सम्पूर्ण राष्ट्र में प्राथमिक शिक्षा के स्तर में एकरूपता लाने पर बाल दिया गया

8.  1992 में डॉ जनार्दन रेड्डी की अध्यक्षता में ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड को और अधिक विस्तृत व् व्यापक स्वरूप प्रदान किया गया।

9. शिक्षा के सार्वभौमीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए वर्ष 1980 में वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में अनोपचारिक शिक्षा की व्यवस्था की गयी तथा 2001 में यह योजना समाप्त हो गयी।

10. राष्ट्रीय शिक्षा निति 1986 के अंतर्गत ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड योजना लागु की गयी।

11.  15 अगस्त 1995 से विद्यालयों में मद्यहंन भोजन योजना की शुरुआत हुई।

12. पहले 80 प्रतिशत उपस्तिथि वाले बच्चों को हर माह 3 kg गेहूं चावल दिए जाते थे जो 1 सितम्बर 2004 में माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार बदलकर पका पकाया भोजन दिया जाने लगा।

13.  सार्वभौमः शिक्षा लक्ष्य प्राप्ति हेतु 1992 की संशोधित कार्य योजना के आधार पर ज़िला प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम 1997 में शुरू किया गया।

14.  सर्व शिक्षा अभियान (2001) ""डकार"" विश्व सम्मलेन के घोषणा पत्र से प्रेरित था। यह एक केंद्र पुरोनिधानित योजना है।

15.  कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना में विशेषकर शालात्यागी ,अन्य पिछड़ा वर्ग,अनुसूचित जाति,जनजाति,व् अल्पदंख्यक समुदाय की 11 से 14 वर्ष तक की ""बालिकाओं"" के लिए आवासीय ,निशुल्क शिक्षा भोजन व् चिकित्सा की व्यवस्था की गयी है।

16. शिक्षा और मानव विकास एक दूसरे के पूरक हैं।

17. 6 से 14 वर्ष की आयु में नीव पड़ती है- समस्त संज्ञानात्मक विकास की।

18. सभी बच्चों को जाति,लिंग, वर्ग,समुदाय,के भेदभाव के बिना शिक्षा प्राप्त होना शिक्षा का सार्व भौमिकरण कहलाता है।

19.  ssa के अंतर्गत कक्षा 1 से 8 तक अनिवार्य एवं निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है।

20.  स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात प्राथमिक शिक्षा का सार्वभौमीकरण व् निरक्षरता उन्मूलन दो प्रमुख लक्ष्य थे।

21. संविधान की धारा 45 में वर्णित है की संविधान लागू होने की तिथि से 10 वर्ष की अवधि के भीतर 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को अनिवार्य एवं निःशुल्क शिक्षा शुलभ करा दी जाये।

22.  राष्ट्रीय शिक्षा निति 1986 में लागु हुई।

23. एक्शन प्लान 1992 में क्रियान्वित हुआ।

24. उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अधिनियम की स्थापना 1972 में हुई।

25.  इसी के अंतर्गत उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद् का गठन 25 जुलाई 1972 को हुआ।

26.  मध्याह्न भोजन वितरण 2007 से जूनियर विद्यालयों में लागु हएब

27. DPEP डिस्ट्रिक्ट प्राइमरी एजुकेशन प्रोग्राम 1992 की संशोधित कार्य योजना के आधार पर 1997 में शुरू हुआ।

28.  DPEP का कार्य GER अर्थान् नामांकन बढ़ाना तथा नए विद्यालयों की स्थापना करना है।
सर्व शिक्षा अभियान (2001) का उद्देश्य 2003 तक सभी बच्चों का नामांकन,2007 तक 5वीं पास, 2010 तक 8वीं पास तथा 2010 तक शिक्षा में जाती व् लिंग भेद समाप्त करना था।

29. कस्तूरबा गांधी विद्यालय योजना शैक्षिक रूप से पिछड़े क्षेत्र, ग्रामीण महिला साक्षरता दर औसत से कम, लैंगिक अंतराल औषत से ज्यादा वाले क्षेत्रों में चलाई जाती है।

30. KGSP की मोनिटरिंग डाइट प्राचार्य की अध्यक्षता में की जाती है।

31. शिक्षा गारंटी योजना EGS
वैकल्पिक नवाचार शिक्षा AIE
ये दोनों सर्व शिक्षा अभियान के महत्वपूर्ण भाग हैं तथा स्कूल न जाने वाले बच्चों को प्रा शि के दायरे में लाती हैं।

32. छात्रवृत्ति योजना आर्थिक अभाव की पूर्ति हेतु कक्षा 1 से 5 तक निर्धन सामान्य वर्ग हेतु ,अनुसूचित जाती/जनजाति हेतु तथा अल्पसंख्यक छात्राओं हेतु दी जाती है।

33. हमारे संविधान में अपेक्षित समता समानता गुणवत्ता का आदर्श शिक्षा सार्वभौमीकरण का आधार है।

34. गुणात्मक उन्नयन होना तभी माना जा सकता है जब बच्चा निर्धारित पाठ्यक्रम की दमस्त विषय सामग्री सीख जाये।

35.  शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में पारित हुआ।

36.  मोहिनी जैन बनाम कर्नाटक राज्य वे उन्नीकृष्णन बनाम भारत संघ में न्यायलय द्वारा दिए गए निर्णय से प्रभावित होकर संसद ने 86 वे संशोधन अधिनियम 2002 द्वारा अनुच्छेद 45 को विस्तृत रूप दिया और प्राथमिक शिक्षा को अनुच्छेद 21क के तहत मूल अधिकार बनाया।

37. अनुच्छेद 21क के तहत """"राज्य 6 से 14 वर्ष तक की आयु वाले सभी बच्चों के लिए निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने का प्रबंध करेगा"""।

38. अनुच्छेद 45क के अनुसार ""राज्य सभी बालकों के लिए 6 वर्ष की आयु पूरी करने तक प्रारंभिक बाल्यावस्था देख रेख और शिक्षा देने के उपबंध का प्रयास करेगा"""।

39. RTE के अनुसार 8वीं तक निशुल्क शिक्षा व् अपनी उम्र के हिसाब से कक्षा में प्रवेश देने हेतु विशेष प्रशिक्षण तथा निजी विद्यालयों में पहली कक्षा में पड़ोसी बच्चों हेतु 25 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की जाती हैं।

40. प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम 200 कार्यदिवस(800 शैक्षणिक घंटे) व् उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 220 कार्यदिवस(1000 शैक्षणिक घंटे) की पढाई अनिवार्य है।

41. संविधान के भाग 4 में वर्णित राज्य के निति निदेशक तत्ववके अंतर्गत शिक्षा के सार्वभौमीकरण की व्यवस्था की गयी है।

42.  अनुच्छेद 51क के अनुसार माता पिता का यह कर्त्तव्य है कि वे अपने बच्चों के लिए शिक्षा का अवसर प्रदान करें।

43.  1 अप्रैल 2010 से निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम (जम्मू कश्मीर को छोड़कर) पुरे भारत में लागु हो गया है।

44. संविधान में लोकतंत्र,सामाजिक न्याय,धर्मनिरपेक्षता,भागीदारी,समानता आदि निहित मूल्य हैं।


45. निःशक्त व्यक्ति(सामान अवसर,अधिकार संरक्षण और पूर्ण भागीदारी) अधिनियम 1995 में लागु हुआ।


46. निशक्तता से अभिप्राय अंधता, कम दृष्टि, कुष्ट रोग , श्रवण शक्ति का ह्रास, चलन निशक्तता, मानसिक रुग्णता से है।

47. 1993 में बनी शिक्षा बिना बोझ की रिपोर्ट के आधार पर पाठ्यचर्या की समीक्षा उपरांत राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूप रेखा 2005 अस्तित्व में आई।

48. शिक्षक अपना दायित्व सही ढंग से पूर्ण कर सकें, इसके लिए जनगणना,आपदा राहत कार्य,चुनाव के अतिरिक्त उन्हें किसी गैर शैक्षणिक कार्य में नहीं लगाया जायेगा-rte 2009 के अनुसार।

49. राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद्(NCTE) की स्थापना 1995 में की गयी। इसका मुख्यालय नयी दिल्ली में है।

50. शिक्षक आचार संहिता में शिक्षक को क्या करना है,कैसे करना है,और क्या नहीं करना है का निर्देश दिया जाता है।

51. पाठ्यचर्या बालकेंद्रित शैक्षिक संकल्पना को मूर्त रूप देने का सबसे सशक्त माध्यम है।

52. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 में अस्तित्व में आई जिसमे पाठ्यचर्या निर्माण के मार्गदर्शक शिद्धान्तों का उल्लेख किया गया है।
53. ncf2005 में चार पाठ्यचर्या क्षेत्रों की तरफ ध्यान आकर्षित किया गया है। काम,कला व् पारंपरिक दस्तकारियां,स्वस्थ्य व् शारीरिक शिक्षा, व् शांति बी

54. ncf 2005 अध्याय 1 "परिप्रेक्ष्य" शिक्षा की गुणवत्ता,बच्चों को क्या और कैसे पद्य जाये की व्याख्या करता है।

55.  ncf 2005 अध्याय 2"सीखना और ज्ञान" में ज्ञान की प्रकृति और बच्चों में सीखने की क्षमता पर चर्चा की गयी है।

56. ncf 2005 अध्याय 3 "पाठ्यचर्या क्षेत्र,स्कूल की अवश्थायें और आंकलन" में पाठ्यचर्या के विभिन्न क्षेत्रों हेतु दिए गए सुझावों के सैद्धांतिक आधारों का निरूपण किया गया है।

57. ncf 2005 अध्याय  "विद्यालय एवं कक्षा का वातावरण"
में वातावरण के भौतिक एवं मनोवैज्ञानिक आयामो का परीक्षण करते हुए यह प्रस्तुत किया गया है कि बच्चों के अधिगम को विद्यालय एवं कक्षा का वातावरण किस प्रकार प्रभावित करते हैं।

58. ncf 2005 अध्याय 5 " व्यवस्थागत सुधार" में चर्चा की गयी है कि स्कूली व्यवस्था में किस प्रकार के व्यापक व्यवस्थागत सुधारों की जरुरत होगी ताकि बच्चा कक्षा के अनुभव से ज्ञान का सृजन कर सके।

59. ncf 2005 में शांति के लिए शिक्षा पर बाल दिया गया है।

60. ncf 2005 में "सपनो के भारत को धरातल पर उतारने की युक्ति" के बारे में बताया गया है।

61.  ज्ञान- सृजन व् अनुभव  का विषय है जिससे बच्चा करके सीखता है और ज्ञान निर्माण की इस प्रक्रिया को संरचनावाद कहा जाता है।

प्रथम मोड्यूल समाप्त


62. बालमनोविज्ञान बच्चों के विकास की विभिन्न अवस्थाओं का अध्ययन कर शिक्षक को यह बताता है की कब और किस अवस्था में बच्चों को क्या और कैसे सिखाएं।

63. बालमनोविज्ञान बच्चे के जन्म से किशोरावस्था तक के विकास का अध्ययन करता है।

64. बाल विकास की तीन मुख्य अवस्थाएं हैं
A.शैशवावस्था-जन्म से 5 वर्ष तक
B.बाल्यावस्था-6 से 12 वर्ष तक
C.किशोरावस्था-13 से 18 वर्ष तक।

65. शैशवावस्था में बच्चों के भावी जीवन का निर्माण होता है।

66. आत्माभिव्यक्ति का सबसे उत्तम् साधन मातृभाषा है।

67. बालक की औपचारिक या विद्यालयी शिक्षा का आरम्भ बाल्यावस्था में होता है।

68.  शैक्षिक दृष्टि से बाल्यावस्था जीवन की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था है।

69. शिशु के स्वाभाविक विकास के लिए शिक्षा देते समय व्यक्तिगत विभिन्नता पर विशेष ध्यान देना जाता है।

70. बाल्यावस्था में विकास की गति में स्पस्टता व् स्थिरता आ जाती है।

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